Betrayal leaves a mark that words often struggle to describe, and that is exactly why this collection of 145+ Sad Dhokebaaz Shayari in Hindi was created — for every heart that trusted too much and got hurt in return. This बेवफा दोस्त और धोखेबाज़ी पर शायरी collection speaks to the pain of a broken bond, a friend who walked away, or a love that turned into a lie.
Inside this article, you will find heartfelt two-line shayari on dhokebaaz dost, bewafa dhokebaaz, dhokebaaz ladki, and more — each one written to put your unspoken feelings into simple, powerful words. Alongside these, we have also added a special section of Bhai Shayari, because while betrayal breaks trust, a brother’s bond reminds us that some relationships never fade.
Dhokebaaz Shayari

वो जिसे अपना समझ के दिल में बसाया,
उसी ने मौका पाकर धोखा दे डाला।
सच्चाई की बातें करता था हर पल,
निकला वो झूठ का सबसे बड़ा हवाला।
भरोसे की नींव पर घर बसाया था मैंने,
वो आया और सब कुछ तोड़ गया।
मुस्कुराहट के पीछे छुपाया था वार,
वक्त आने पे सीना छलनी कर गया।
जिसे दोस्त समझा वो निकला अजनबी,
दर्द देकर वो हमसे मुँह मोड़ गया।
यकीन इतना गहरा था कि शक भी न हुआ,
फिर एक दिन सारा सच खुल गया।
जो हाथ थामे थे मेरा हर मोड़ पर,
वही हाथ मेरी पीठ पर छुरा भोंक गया।
अपनों जैसा दिखता था वो हर घड़ी,
पराया निकला जब वक्त परख गया।
दिल की हर बात उसे बता दी थी मैंने,
उसी दिल को उसने खिलौना बना दिया।
वफ़ा की उम्मीद में उम्र गुज़ार दी,
जवाब में सिर्फ धोखा मिला।
जिस पर एतबार किया वो ही निकला फरेबी,
अब किसी पर यकीन करना मुश्किल हो गया।
रिश्तों की चमक देखकर धोखा खा गए हम,
अंदर से खोखला था वो जो बाहर से चमकता था।
Dhokebaaz Dost Shayari
दोस्ती का वादा करके तूने साथ छोड़ा,
मुश्किल घड़ी में तू ही सबसे पहले मुड़ा।
यारी निभाने की कसमें खाई थी तूने,
फिर एक पल में सारा रिश्ता उजड़ा।
जिस दोस्त पर भरोसा था जान से ज़्यादा,
उसी ने पीठ पीछे मेरा मज़ाक उड़ाया।
साथ चलने का वादा तो निभा न सका,
अकेला छोड़ के वो आगे निकल गया।
दोस्ती के नाम पर सिर्फ फायदा उठाया,
ज़रूरत खत्म हुई तो पहचानना भूल गया।
सच्चा यार बनकर आया था मेरी ज़िंदगी में,
झूठा निकला जब वक्त ने परखा उसे।
हर राज़ बताया था उसे दिल खोलकर,
उसी राज़ को उसने हथियार बना लिया।
मुसीबत में साथ देने का दावा करता था,
मुसीबत आई तो सबसे पहले भागा वही।
दोस्ती की डोर कमज़ोर निकली आखिर में,
टूटी तो पता चला वो झूठी थी शुरू से।
जिसे भाई से बढ़कर माना था हमने,
उसी ने दुश्मन बनकर वार किया आखिर में।
साथ बैठकर सपने बुनते थे हम दोनों,
अकेले उसने वो सपने चुरा लिए।
यार कहकर गले लगाया था जिसे,
उसी ने पीठ पर छुरी चलाई आखिर में।
Dhokebaaz Shayari in Hindi
भरोसे का रिश्ता एक पल में टूट गया,
जब सच्चाई सामने आई तो दिल रो पड़ा।
प्यार का दिखावा करके फरेब कर गया,
असली चेहरा वक्त के साथ खुल गया।
मीठी बातों में छुपा था इतना ज़हर,
समझ नहीं पाए हम शुरुआत में कभी।
जिस पर जान छिड़कते थे हम हर पल,
उसी ने खेल खेला हमारी भावनाओं से।
सच बोलने का दिखावा करता रहा हमेशा,
झूठ की बुनियाद पर खड़ा था वो हर पल।
यकीन टूटा तो समझ आया दुनिया का असली रंग,
अपनों में भी छुपे होते हैं दुश्मन कभी कभी।
वफ़ा की बात करता था वो हर मुलाकात में,
बेवफाई ही उसकी असली पहचान निकली।
दिल लगाकर धोखा खाना आसान नहीं होता,
फिर भी हर बार यही किस्मत में लिखा मिला।
सपनों का महल बनाया था साथ मिलकर,
अकेले ही उसने वो महल गिरा दिया।
वादों की झड़ी लगाई थी उसने हर बार,
हर वादा सिर्फ झूठ का पुलिंदा निकला।
जिसे सबसे करीब समझा वो सबसे दूर निकला,
धोखा देने में उसे ज़रा भी देर न लगी।
भरोसे के पुल पर चलते चलते गिर गए हम,
वो पुल तो शुरू से ही खोखला बना था।
Bewafa Dhokebaaz Shayari
बेवफाई की इंतहा कर गया वो आखिर में,
वफ़ा का नाटक बस दिखावे तक सीमित था।
प्यार में डुबोकर बीच मंझधार छोड़ गया,
बेवफा निकला वो जिसे अपना समझा था।
कसमें खाकर साथ निभाने का वादा किया था,
बेवफाई करके सब कुछ भुला दिया उसने।
जिस मोहब्बत पर नाज़ था हमें सबसे ज़्यादा,
उसी मोहब्बत ने बेवफाई का दाग दे दिया।
दिल को धोखा देकर वो हँसता रहा हर पल,
बेवफाई भी उसके लिए एक खेल थी शायद।
वफ़ा की उम्मीद टूटी तो आँसू भी थम गए,
बेवफा के लिए दिल तड़पना बेकार लगा।
साथ जीने मरने की कसमें खाई थी उसने,
बेवफाई करके सारी कसमें तोड़ दी उसने।
मोहब्बत में इतना खो गए थे हम कि,
बेवफाई का इशारा भी समझ न पाए।
जो दिल जीतने का दावा करता था हर रोज़,
वही दिल तोड़कर बेवफा कहलाया आखिर में।
इश्क़ में वफ़ा ढूंढते रह गए हम उम्र भर,
बेवफाई ही मिली हर मोड़ पर हमें।
बेवफा की पहचान करना आसान नहीं होता,
नकाब उतरता है तो सच सामने आता है।
प्यार का इज़हार करके पीठ दिखा गया वो,
बेवफाई की मिसाल बनकर रह गया आखिर में।
Dhokebaaz Ladki Shayari
मासूम सूरत के पीछे छुपा था मक्कार दिल,
समझ नहीं पाए हम उसकी असलियत कभी।
प्यार का इज़हार करके पैसों की चाहत निकली,
दिल नहीं जेब देखकर रिश्ता बनाया था उसने।
हर बात में मीठास घोलकर बात करती थी वो,
अंदर से इतनी मतलबी होगी सोचा न था कभी।
आँखों में आँसू लाकर झूठ बोलना सीख लिया था उसने,
अदाकारी में माहिर निकली वो लड़की आखिर में।
दिल जीतने का हुनर तो खूब था उसमें,
दिल तोड़ने में भी उतनी ही माहिर निकली वो।
साथ रहने के वादे किए थे हर शाम,
दूसरा मिलते ही सारे वादे भूल गई वो।
प्यार में सच्चाई ढूंढते रह गए हम,
फरेब की आदत निकली उसकी हर बात में।
मासूमियत का मुखौटा पहनकर घूमती थी वो,
असली चेहरा दिखा तो होश उड़ गए हमारे।
जिसे दिल की रानी बनाया था हमने,
उसी ने ताज पहनकर धोखा दे दिया।
हर रिश्ते में सिर्फ फायदा ढूंढती थी वो,
नुकसान होते ही रिश्ता तोड़ देती थी वो।
प्यार के नाम पर खेल खेलना सीख लिया था उसने,
दिल तोड़ना उसके लिए मामूली बात थी।
वफ़ा की उम्मीद रखी थी उससे हमने,
बदले में सिर्फ धोखा और आँसू मिले हमें।
Dhokebaaz Shayari Hindi
जिंदगी ने सिखाया है अब यही सबक हमें,
हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती कभी।
धोखा खाकर भी मुस्कुराना सीख लिया है हमने,
दर्द को छुपाना अब आदत बन गई है।
भरोसे का रंग इतनी जल्दी उड़ जाएगा,
सोचा नहीं था कभी हमने अपने बारे में।
दुनिया में हर कोई अपना मतलब देखता है,
यह सच्चाई जानने में उम्र गुज़र गई हमारी।
जो दिखता है वो होता नहीं,
यह सबक धोखे ने सिखाया हमें आखिरकार।
यकीन करना अब मुश्किल हो गया है किसी पर,
हर रिश्ते में शक की परछाई नज़र आती है अब।
धोखे ने हमें कमज़ोर नहीं मजबूत बना दिया,
अब हर इंसान को परख कर ही अपनाते हैं हम।
दर्द बहुत दिया है इन धोखों ने हमें,
फिर भी ज़िंदगी से हार नहीं मानी हमने।
टूटे दिल को जोड़ना सीख लिया है अब हमने,
धोखेबाज़ों से उम्मीद रखना छोड़ दिया है हमने।
हर धोखे ने कुछ नया सिखाया है हमें,
अब भरोसा सोच समझकर ही करते हैं हम।
बीती बातों को याद कर के अब रोना नहीं,
आगे बढ़ना ही ज़िंदगी का असली मकसद है।
धोखेबाज़ों की भीड़ में सच्चे लोग कम मिलते हैं,
इसलिए जो साथ हैं उनकी कद्र करना सीख लिया है हमने।
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Dhokebaaz Shayari in English

वक्त के साथ हर राज़ खुलकर सामने आ जाता है,
धोखेबाज़ का असली चेहरा देर सवेर दिख ही जाता है।
जो आज हँसकर मिल रहा है दिल से,
कल वही धोखा देकर मुँह मोड़ सकता है।
भरोसा एक बार टूटे तो दोबारा बनाना मुश्किल होता है,
यह सच हमें धोखे ने बहुत करीब से सिखाया।
मीठी ज़ुबान के पीछे कड़वा सच छुपा हो सकता है,
इसलिए अब हर बात को परखकर ही मानते हैं हम।
जिस राह पर धोखा मिला हो एक बार,
उस राह पर दोबारा चलने से पहले हज़ार बार सोचते हैं हम।
दिल टूटने का दर्द बयां नहीं होता शब्दों में,
फिर भी हर दर्द के साथ जीना सीख लिया है हमने।
जो लोग सामने कुछ और पीछे कुछ और होते हैं,
उनकी असलियत जल्दी या देर से सामने आ ही जाती है।
धोखा देने वाला कभी सुकून से नहीं सो पाता,
यह सच्चाई है जो वक्त खुद साबित कर देता है।
हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे दर्द छुपा हो सकता है,
फिर भी हौसला रखकर आगे बढ़ना ज़रूरी है।
जिसने धोखा दिया है उसे भगवान पर छोड़ दो,
अपनी ज़िंदगी को नई राह पर मोड़ लो तुम भी।
एक धोखे ने सिखा दिया दुनिया की असली पहचान,
अब भरोसा करने से पहले हज़ार बार सोचते हैं हम।
टूटकर भी संभलना आ गया है अब हमें,
यही सबसे बड़ी जीत है हर धोखे के बाद हमारी।
Dhokebaaz Dost Shayari in Hindi
जिस दोस्त के साथ हर राज़ बांटा था हमने,
उसी ने राज़ को हथियार बनाकर वार किया।
दोस्ती की कसमें तोड़कर वो चला गया,
तन्हाई में छोड़कर हमें अकेला कर गया।
साथ पढ़े साथ बड़े हुए हम दोनों,
वक्त आने पर वो पहचानना भूल गया।
यारी के नाम पर सिर्फ फायदा उठाया उसने,
ज़रूरत पूरी होते ही रिश्ता खत्म कर दिया।
दोस्त बनकर राज़दार बना था वो मेरा,
राज़दार बनकर ही सबसे बड़ा दुश्मन निकला।
हर मुश्किल में साथ देने का वादा किया था,
मुश्किल आते ही सबसे पहले वो गायब हुआ।
दिल से यार बनाया था जिसे हमने,
दिमाग से रिश्ता निभाता रहा वो हमेशा।
दोस्ती की डोर बहुत कमज़ोर निकली उसकी,
हल्की सी आंच में ही टूट गई वो डोर।
सच्चाई और दोस्ती दोनों साथ नहीं थे उसमें,
झूठ बोलकर दोस्ती निभाने का नाटक करता रहा वो।
जिसे भाई से बढ़कर माना था हमने कभी,
उसी ने दुश्मनी निभाई आखिरी वक्त में।
साथ चलने का वादा निभाया नहीं उसने कभी,
बीच राह में छोड़कर आगे निकल गया वो।
दोस्ती के रिश्ते में भी मतलब ढूंढता रहा वो,
सच्ची दोस्ती की कीमत कभी समझ न पाया वो।
Dhokebaaz Dost Shayari in English
जो दोस्त मुश्किल वक्त में साथ छोड़ जाए,
वो दोस्त नहीं सिर्फ एक पहचान भर था।
सच्ची दोस्ती में धोखा नहीं होता कभी,
जहां धोखा हो वहां दोस्ती का नाम गलत है।
वक्त के साथ पहचान हो जाती है सबकी,
कौन सच्चा है कौन झूठा यह देर सवेर पता चल जाता है।
जिस दोस्त ने पीठ पीछे बुराई की हो,
उसे माफ करना आसान नहीं होता कभी।
दोस्ती निभाने का दिखावा करना आसान है,
असली दोस्ती मुश्किल वक्त में साबित होती है।
धोखेबाज़ दोस्त से दूरी बनाना ही समझदारी है,
वक्त रहते पहचान लेना ही सबसे बड़ी जीत है।
जिन दोस्तों ने साथ छोड़ दिया मुश्किल में,
उनकी याद में अब वक्त बर्बाद नहीं करते हम।
सच्चे दोस्त कम मिलते हैं इस दुनिया में,
इसलिए जो मिले हैं उनकी कद्र करनी चाहिए हमेशा।
दोस्ती के नाम पर धोखा देने वालों से,
बचना सीख लिया है अब हमने।
जो दोस्त सिर्फ फायदे के लिए साथ रहे,
उन्हें दोस्त नहीं मतलबी कहना ज़्यादा सही है।
टूटी हुई दोस्ती को जोड़ने की कोशिश बेकार होती है,
जब नीयत ही साफ न हो शुरू से।
धोखा देने वाले दोस्त को भूलकर आगे बढ़ना ही बेहतर है,
ज़िंदगी में सच्चे रिश्तों की कोई कमी नहीं होती।
Shayari Dhokebaaz

धोखेबाज़ों की दुनिया में सच्चाई ढूंढना मुश्किल है,
फिर भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए हमें।
जिसने धोखा दिया है वो खुद अकेला रह जाएगा,
वक्त हर किसी का हिसाब बराबर कर देता है आखिरकार।
दिल तोड़ने वालों को भी दर्द होता है एक दिन,
यह सच्चाई देर से ही सही पर सामने आ जाती है।
धोखेबाज़ों से सीखा है हमने ज़िंदगी का सबसे बड़ा सबक,
अपनों को परखने के बाद ही भरोसा करना चाहिए।
जो आज धोखा देकर खुश हो रहा है,
कल उसे भी किसी और से यही दर्द मिलेगा।
भरोसे का महल एक धोखे से गिर सकता है,
इसलिए संभलकर ही किसी पर एतबार करना चाहिए।
धोखेबाज़ी की आदत कभी छुपती नहीं ज़्यादा दिन तक,
एक न एक दिन असली चेहरा सामने आ ही जाता है।
जिन्होंने धोखा दिया उन्हें माफ करके आगे बढ़ना ही समझदारी है,
बदला लेने में अपनी ऊर्जा बर्बाद नहीं करनी चाहिए।
हर धोखे के बाद खुद को मजबूत बनाना सीख लिया है हमने,
अब कमज़ोरी नहीं ताकत बनकर उभरे हैं हम।
धोखेबाज़ों की पहचान वक्त से पहले हो जाए तो अच्छा है,
वरना दिल टूटने के बाद ही सच्चाई पता चलती है।
जिसने भरोसा तोड़ा है उसकी कीमत उसे ज़रूर मिलेगी,
यह प्रकृति का नियम है जो कभी नहीं बदलता।
धोखा देने वालों की भीड़ में सच्चे दिल ढूंढना मुश्किल है,
फिर भी उम्मीद रखनी चाहिए कि अच्छे लोग भी मिलेंगे।

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